highlights
14872 Audio Programmes | 34 Program Languages | 44 Program Themes | 156 CR Stations | 56 CR Initiatives | and growing...

MKP - Recap of First (Ep - 60) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

वाह, बड़ा अच्छा मौसम होता रहा है, जैसे जैसे ठण्ड का मौसम जा रहा है, उसके साथ गर्मियों के दिन आते जा रहे हैं. अब सुबह जल्दी उठने में कोई परेशानी नहीं होती. साबिन और सबीहा तो जैसे इस छुट्टी का पूरा मज़ा सो सो कर ही लेना चाहते हैं. लेकिन सबीहा के दिमाग में तो जैसे उत्सुक की बात ही घर कर गयी है कि काली कहीं आस पास है और इस वजह से उसने सबीन को इतना परेशान किया कि आधी रात को उठ बेचारे सबीन को दूसरे कमरे में जाकर सोना पड़ा. लेकिन ये क्या सुबह सुबह से ही भाग दौड़ शुरू हो गयी है. चलिए चलकर देखें तो हुसैन साब के घर में क्या चल रहा है |

MKP - Gram and Kilogram (Ep - 84) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

सबीन की मानें तो आज बहुत सुकून भरा दिन है, वो कैसे, अरे भई आज उनके घर आ रही हैं गुडगाँव वाली बुआ. जो दिन भर सबीन सबीन करती रहती हैं, साथ ही करती हैं खूब हंसी मज़ाक भी. उनका बस चले तो रोते को भी हँसान दें. आज तो सबीन को बस बेसब्री से इंतज़ार है अपनी प्यारी बुआ का. सुबह जल्दी उठ कमरा साफ़ कर नहा धो वो बन गया है हीरो, जिस वजह से सबीहा और अम्मी हैं हैरान. अब्बू तो चल दिए हैं बस स्टैंड लेने बुआ को. लेकिन ये क्या सबीन कुछ बेचैन सा हो गया है..चलिए देखें क्या माज़रा है |

MKP - Meter and Kilometer (Ep - 85) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

सबीन सबीहा को घर लौटने में देरी हो गयी, अब तक तो अम्मी ने मसाले का सब सामान तैयार कर लिया होगा, और बुआ, वो तो कबकी आ चुकी होंगी, न जाने क्या क्या लायी होंगी. ये सब छोड़ो, मुद्दा तो ये है कि सबीन जल्द से जल्द घर पहुँचने की होड़ में लग गया है जिस चक्कर में उसने पकड़ लिया कच्चा रास्ता जहाँ से ज्यादा लोग नहीं जाते और कम गाड़ियों की वजह से वो कहीं अटकेंगे भी नहीं... और यूँ पहुंचे घर...चलिए देखें कैसा रहा सबीन सबह का ये सफर |

MKP - Litre and Mililitre (Ep - 86) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

दिन पर दिन गर्मी तो बढती ही जा रही है, मानो सूरज चाचू इस बात पे गुस्सा हो गए कि मारा तो सिक्स था, लेकिन बाउंड्री पर किसी ने कूद कर catch पकड़ लिया हो... आज सबीन सबीहा स्कूल से जल्दी घर आ गए हैं और सबीन ने प्लान बनाया है कि क्यूँ न अब्बू के साथ उनकी बाइक पर थोडा सैर सपाटा हो जाये.. सबीन तो इस बात को सोच सोच ख़ुशी से पागल हुआ जा रहा है कि आज वो अब्बू से मेले में चलने की जिद्द करेगा और वहाँ से एक नया बैट ले आएगा और बैट ना भी मिला तो कमस्कम एक जर्सी ही ले आयेगा, जो कुछ महीनो बाद होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट में वो पहनेगा.. बस इन्हीं ख्यालों की उधेड़बुन को जानते हैं सबीन के साथ...

MKP - Polygon (Ep - 87) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

बुजुर्ग आदमी की मुश्किल अब भी हल नहीं हुयी, और जैसे जैसे सभी व्यवसाय और काम से नाता न जुड़ता महसूस होता है, वैसे वैसे वो और भी दुखी होते जा रहे हैं. सबीन सबीहा उनको कभी घड़ीवाले के पास लेकर जाते तो कभी हलवाई, हाल ही में मजदूर ने उनसे जो कुछ कहा उससे तो मानो वो बिलकुल हताश और निराश हो चुके हैं. और तो और उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी कि उनको कभी कुछ याद भी आ सकता है. लेकिन सबीन और सबीहा की उम्मीद अब भी बरकरार है और हो भी क्यूँ न अरे भई मेवात में काम करने वाले हज़ार हैं और काम भी.. और उनमें से ही कोई काम ये आदमी भी किया करते रहे होंगे. चलिए जानते हैं आज सबीन और सबीहा ने बुजुर्ग आदमी के लिए क्या नया सोचा है?

MKP - Polygon (Ep - 88) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

सबीन और सबीहा को अपने स्कूल में वक्त बिताना अब और भी अच्छा लगने लगा है, नयी क्लास, नयी किताबें और साथ ही नए नए कॉन्सेप्ट्स जानने को जो मिलते हैं हर रोज़. पिछले हफ्ते, ये लोग मेवात के पास ही किसी राजा के महल में घुमने गए थे, जो अब एक म्यूजियम बन चुका है. ये महल अपने कमरों की अलग ही बनावट की वजह से बहुत फेमस है क्यूंकि हर एक कमरे में बहुत जगह है और शेप आम कमरों की चार दीवारी से बिलकुल अलग. जबसे दोनों बच्चे घर आये हैं, बस उस अनोखे महल की ही चर्चा किये जा रहे हैं और करें भी क्यूँ न उस महल के निरिक्षक ने उन्हें हर बात बारीकी से बताई है, जैसे पूरे महल में कितने पिल्लर हैं और इनका क्या मतलब है, राजा का अपना कमरा कौनसा था और बाकी कमरों में उसके कौन ख़ास आदमी रहा करते थे. उस जगह की खासियत क्या रही वगेहरा वगेहरा. चलिए जरा हम भी तो सुनें कि उस महल में ऐसा क्या खास है कि लोग उसे अनोखा कहने लगे हैं |

MKP - Perimeter (Ep - 89) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

सबीन जबसे उस महल से होकर आया है, वो अपने घर को भी महल जैसा बनाने के लिए अजीबोगरीब हरकतें करता दिखता है. वो तो इस हद तक प्रेरित हो गया है कि कभी वो घर में रखी सालों पुरानी कांच की बोतलों को रंगीन करता दिखता है, तो कभी बल्ब पर कलाकारी करता है ताकि उसका घर भी महल के जैसे सजा धजा दिखने लगे. यहाँ तक की वो अम्मी अब्बू के पीछे ही पड़ गया है कि आँगन के लिए वो उस महल जैसी ही एक लम्बी सी मेज़ ला दें, ताकि सब एक साथ बैठ उसपे सुबह, दिन और शाम का खाना खाया करेंगे, जैसे वो राजा अपने परिवार के साथ खाता था. सबीन की जिद्द है आठ मीटर लम्बी मेज़ की लेकिन अब्बू इस बात पर मान गए कि उतनी लम्बी नहीं पर थोड़ी बड़ी मेज़ बनवा ही सकते हैं. साथ ही अब्बू ने हुक्म भी दिया है कि अब इस महल के राजकुमार सबीन खान हैं, तो carpenter यानी बढई का काम भी वही देखेंगे कि कुछ गड़बड़ न हो... अब काम है मुश्किल लेकिन देखना ये है कि वो इसे किस तरह से अंजाम देता है...

MKP - Multi digit multipication (Ep - 91) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

सबीन और सबीहा आज बहुत खुश हैं, हों भी क्यूँ न गाँव के सरपंच ने नई सड़क बनाने के लिए नीव जो रखी है. दोनों बच्चे अम्मी अब्बू के साथ सरपंच का भाषण सुनने भी गए, जहाँ से वो बहुत प्रेरित होकर लौटे हैं. भला अपने गाँव की तरक्की कौन नहीं चाहता. अब गाँव खूब तरक्की करेगा और इसका विकास भी होगा. अब तो कुछ ही दिनों में सड़क का काम भी शुरू हो जायेगा. फिलहाल तो शहर से बुलाये इंजिनियर और कांट्रेक्टर इस कच्ची सड़क का मुआयेना कर रहे हैं. अब तो सबीन और सबीहा भी घर की तरफ चल पढ़े हैं, लेकिन क्या बातें चल रही हैं दोनों के बीच ये जानना ज़रूरी है...

MKP - Parallel (Ep - 92) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

राजू के अब्बू नयी गाड़ी खरीद लाये हैं. इस बात से सबीन और सबीहा बेहद खुश हैं, पर सबीन को सबसे ज्यादा ख़ुशी इस बात से है कि अब वो रोज़ सुबह जल्दी उठके स्कूल के लिए नहीं निकलेगा, आखिर राजू जो उन्हें अपनी गाड़ी में स्कूल जो ले जायेगा. अब तो सबीन ने जिद्द कर ली है कि वो हर हाल में एक राइड तो लेगा ही और इस बात के लिए सबीहा ने राजू को राज़ी कर लिया है. राजू तो बहुत बड़ी बड़ी बातें करने लगा है कि गाड़ी किस स्पीड पर चलती है, उसकी गाड़ी में क्या कुछ अलग है. अब तो सबीन बस ये देखना चाहता है कि राजू किस स्पीड पर और कैसी गाड़ी चलाता है. यही नहीं सबीन ने तो बुज़ुर्ग आदमी को भी इस राइड में शामिल होने के लिए मना लिया है. लेकिन एक बात जो सबीन को पता चली वो ये है कि मेवात की सडकें उफ्फ्फ, इधर से डम्पर उधर से डम्पर... और अगर किसी पुलिस वाल ने उनको पकड़ लिया तो खैर नहीं... अब देखना ये है कि इनसे कोई रूल टूटता है या फिर इनके पास कोई ऐसा रास्ता है कि कोई रूल न टूटे और सब काम क़ानून के हिसाब से हो...

MKP - Quadrilateral (Ep - 93) ( Hindi)   
 Creative Commons Attribution-NonCommercial

आज बुजुर्ग आदमी का मूड बड़ा खराब है. और हो भी क्यूँ न, इतने दिनों की मेहनत और कोशिश के बावजूद भी वो इस बात का पता नहीं लगा पाए कि वो क्या काम किया करते थे. इतने दिनों में वो कभी किराने की दूकान पर तो कभी हलवाई के पास, या फिर पेट्रोलपंप पे अपनी याददाश्त खोजते नजार आये, लेकिन हाथ आई तो सिर्फ नाकामयाबी... इसके पलट हमारे सबीन और सबीहा, अब भी नए काम और मैथ से वो कैसे जुड़े हैं इसकी खोज में जुटे हैं. भले ही बुज़ुर्ग आदमी ने हार मानी ली हो, लेकिन ये बच्चे उनको हार मानने ही नहीं देते. सबीन इस बात से परेशान है कि इन बातों को बुजुर्ग आदमी दिल से लगा बैठे हैं और गुमसुम से रहने लगे हैं, इसलिए सबीन ने सबीहा के साथ मिलकर उन्हें मिठाई की बड़ी दूकान पर ले जाने का फैसला किया है, जहाँ खूब सारी मिठाइयाँ हों, अलग अलग आकार और रंग की... आईये देखते हैं, क्या सबीन का ये प्लान कामयाब होता है या नहीं?

Education --> Vocational Education

204 Programme(s)

Vocational education basically includes skill and technical training that prepares an individual for a job or a career in different areas ranging from engineering, medical technology, nursing, craft and accounting. Vocational education is generally experience based and practical; hence gives away an experience to the trainees to which employers are looking for. In this thematic area you will find radio programme that provide information about such courses.