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Celebrating the composite culture of India (Hindi)   
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In this episode of Ek Duniya Ek Awaaz, we are celebrating the composite culture of India. The highlight of the programme is an interview with famous Sufi singer Kailash Kher in which he shares his views on music and how it helps in binding the country of such diversity together.
Seldom does one find in one country such diversities as in India. People of different faiths, languages, cultures, lifestyles and ethnicities live together as one whole. Different kinds of festivals that are celebrated add to the mosaic that India offers – be it Diwali, Holi, Eid, Baisakhi, Pongal, Onam, Christmas and many others. These may have been associated with one particular religion but people from other faiths also participate in them.

Celebrating the New Year with PLHA, MSM, FSW, Transgender (Hindi)   
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नया साल आने के साथ ही लोगों के चेहरे पर खुशी झलकती है। बीती बातों को छोड़ते हुए हर इंसान इस साल अपने लिए नए सपने संजोता है, तथा अपने जीवन की बेहतरी के लिए तत्पर रहता है। इसी धारणा के साथ कि अगर नए साल का पहला दिन अच्छा रहा तो पुरा साल बेहतर होगा।

लेकिन समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसी उम्मीद के साथ अपना जीवन जी रहे हैं, कि एक न एक दिन समाज उन्हें अपनाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से एच आई वी एड्स से ग्रसित लोग, देह व्यापार में लिप्त महिलाएं, समलैंगिक, किन्नर आदि लोगों के साथ कुछ बातें की गई जिनके भी कुछ सपने हैं, और इन्ही का इजहार करने के लिए नया साल वे अपने ही अंदाज में मनाते हैं।

कार्यक्रम में वूमेन एक्शन ग्रुप चेल्सी के स्टीफन पोल्लुसे का भी साक्षात्कार लिया गया जिसमे उन्होंने बताया कि उनकी संस्था किस तरह से एच आई वी एड्स से ग्रसित लोगों के साथ नया साल मनाती है। उनका यही कहना है कि इन सब लोगों के साथ भेदभाव को ख़तम कर प्यार बांटने की जरुरत है।

Education of girl child (Hindi)   
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इस कार्यक्रम में लघुनाटिका के माध्यम से समाज में लड़कियों के प्रति रुढिवादी सोच को बताने की कोशिश की गई है। और यह बताया गया है कि किस तरह उसे शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से भी वंचित कर दिया जाता है। लेकिन एक दोस्त के संपर्क में आने से माँ-बाप की सोच बदल गई और उन्होंने लड़की को पढाया और लड़की अपने माता पिता के भरोसे पर सही उतर कर बहुत बड़ी अधिकारी बनी।

कार्यक्रम में मसहूर लेखिका और दलित महिला आन्दोलन के कार्यकर्ता श्रीमति रजनी तिलक का भी साक्षात्कार लिया गया। जिन्होंने बताया कि सामाजिक अवरोध लड़कियों की शिक्षा में बाधा डालते है। हम सभी को अपने विचारों में बदलाव लाने की जरुरत है। लड़कियों को शिक्षित बनाकर बेहतर समाज का निर्माण करने की जरुरत है, उन्हें न सिर्फ़ पढाया जाना चाहिए, बल्कि आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।

The importance of computer education (Hindi)   
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मानव सभ्यता के विकास की कहानी बहुत पुरानी है 19वीं सदी की क्रांति अपने आप में युग की एक बहुत बड़ी क्रांति थी। इसी क्रांन्ति का अगला कदम कंप्यूटर संस्कृति है जिसने थोड़े ही समय में अपने प्रभाव का लोहा मनवाया।

आज तो कंप्यूटर हमारी दिनचर्या, रहन सहन, कारोबार , शिक्षा आदि जीवन के सभी पहलुओं में घुलमिल गया है। स्कूल, कॉलेजो, अस्पतालों, दफ्तरों, औधोगिक संस्थानों, बैंकों आदि सभी जगहों में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। डॉक्टर गंभीर रोगों का निदान तथा इनके इलाज की व्यवस्था के लिए कंप्यूटर की सहायता लेते है, और कंप्यूटर हर तरह से वरदान सिद्ध हो रहे हैं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया है कि कंप्यूटर शिक्षा गरीब तबके के लोगों को भी मिलनी चाहिए, जो आर्थिक स्थिति अच्छी न होने की वजह से इस शिक्षा से महरूम रहतें है। तभी कंप्यूटर की महता और बढेगी।

इस कार्यक्रम में समुदाय के लोगों के लिए प्रशिक्षण का अनुभव रखने वाली उदयन केयर संस्था में फ्रीलांस प्रोग्राम कंसल्टेंट श्रीमति वैदेही कृष्णन जी का भी साक्षात्कार भी लिया गया है। जिनका कहना है कि कंप्यूटर के महत्व को नज़र अंदाज नही करना चाहिए, इससे भविष्य को नई दिशा मिलती है।

Masculinity (Hindi)   
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In this episode from JAGORI, filmmaker Rahul Roy says that masculinity has always been associated with power and domination. Deeper research and better understanding of Masculinity can help to change this definition and create a more sensitive society. In the long run, this will benefit both men and women and society as whole.

इस कार्यक्रम के माध्यम से बताया गया है, की आज भी हमारे समाज में पुरुषों और औरतों के बीच तुलना की जाती है। पुरुषों को जहाँ ताकतवर और औरत को कमजोर बताया जाता है, और यही तुलना पुरुषों को शासन करना सिखाती है। और हमारी पित्रस्तात्मक व्यवस्था में बेटों को एक खास नजरिये के साथ पाला जाता है, तथा लड़की को बचपन से ही घर की जिम्मेदारियों को सँभालने के लिए तैयार किया जाता है।

कार्यक्रम में फ्रीलांस फ़िल्ममेकर, लेखन एवं शोध में रूचि रखने वाले और मर्दानगी विषय पर काफ़ी समय से कार्य कर रहे राहुल रॉय जी का भी साक्षात्कार लिया गया है। उनका कहना है कि मर्दानगी को हमेशा सत्ता एवं शासन से जोड़ा जाता है, जरुरत है मर्दानगी के विषय पर ज्यादा समझ बनने की, ताकि एक संवेदनशील समाज की नींव डल सके।

Life of street children (Hindi)   
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सड़क पर काम करने वाले बच्चों की जिंदगियां बहुत कठोर होती है। गरीबी, बीमारी, शोषण, दुर्घटना बहुत कुछ जुडा है उनकी जिंदगी के साथ। जो अपने परिवार से कई वजहों से नाता तोड़ देते है। जिस वजह से वो घर से निकल कर शहरों में आ जाते है, कुछ बनने की चाहत लेकर। सड़क पर जीवन बिताने के साथ साथ उन्होंने जीवन को कई चुनौतियां भी दी हैं, और अपने पैरों पर खड़े होने में भी सफल हुए हैं। कार्यक्रम में कुछ ऐसे ही बच्चों का साक्षात्कार लिया गया है जो अपनी जिन्दगी के गुजारे लायक पैसे कमाते हैं और साथ ही उन्होंने अपने अधिकारों के लिए बढते कदम नामक संगठन भी बनाया है ताकि बच्चे अपनी आवाज़ ख़ुद उठा सकें। 

Stop female foeticide (Hindi)   
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Sex ratio in India is getting more and more disproportionate over the years. Unfortunately the educated and the elite still seem to consider their male child a status symbol, and thereby part take in creating an imbalance in male-female sex ratio. In most parts of India, sons are viewed as breadwinners who will look after their parents and carry on the family name, but daughters are viewed as financial liabilities for which they will have to pay substantial dowries to get married off. 

Global warming - a universal problem (Hindi)   
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गर्मी, सर्दी, बरसात यह सब तो प्रकृति की देन है, पर कुछ समय से हमें लगातार सुनने को मिलता है, या फ़िर हम ख़ुद महसूस करते हैं, कि इस साल गर्मी कुछ ज्यादा पड़ रही है, सर्दी बहुत जल्दी आ गई है, सुब कुछ उल्टा पुल्टा हो रहा है। ये सब निशानियाँ हैं ग्लोबल वार्मिंग की । यह समस्या किसी एक देश की नही बल्कि पूरे विश्व की पर्यावरण से जुड़ी समस्या है। इस कार्यक्रम में Development Alternative संस्था के पर्यावरण बैज्ञानिक डॉक्टर अनीश चटर्जी का भी साक्षात्कार लिया गया है। जिसमे उन्होंने कहा की यह सब दिनोदिन बढते हुए प्रदुषण के कारण हो रहा है, जिसके जिम्मेदार कहीं न कही मानव पीढी ही है, और जितना हम चीजों को सही तरीके से उपयोग करेंगे, उतना ही ग्लोबल वार्मिंग कम हो सकती है।

Dreams of women and truth of life (Hindi)   
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Celebrating the International Women’s Day, this programme talks about dreams, aspirations and real life experiences of women. The expert (Seema Srivastava) interviewed in the programme, says that women empowerment can be meaningful only when we fight hard to end the gender based discrimination यह कार्यक्रम 8 मार्च यानी अंतर्रास्ट्रीय महिला दिवस पर आधारित है। जिसमे महिलाओं के सपने और उनकी जिन्दगी की सच्चाइयों के बारे में बताया गया है।  कार्यक्रम में सीमा श्रीवास्तव का साक्षात्कार भी लिया गया है, जिसमे उन्होंने कहा की महिलाओं ने हर स्थिति, हर मोड़ पर समस्याओं का हल निकालने में अपना योगदान दिया है। उनके सपने ही उनका स्वाभिमान हैं, उनकी शक्ति है । बस जरुरत है इन सपनो को जिन्दा रखने की।  कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों और महिलाओं के में भेदभाव को ख़तम करने की जरुरत है तभी हम मुकम्मिल महिला सशक्तिकरण की बात कर सकतें हैं।

Development issues and Dalits (Hindi)   
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This Programme addresses the urgent issues for the development of dalits in India. In this programme, the dalits question is looked at from the perspective of human resource development on the one hand, and the poverty alleviation on the other.

It highlights the role of the government and civil society organization in providing facilities and opportunities for dalits. It also points out that there is much that dalits can do for themselves in this context, for example raising awareness and they should believe in their own strength and ability; ensure sharing of information amongst themselves and work collectively to ensure proper implementation by government and others.

Ek Duniya Ek Awaaz

Run by OneWorld since 2005, Ek Duniya Ek Awaaz or EDEA (One World, One Voice) is a radio programme on development issues in Hindi broadcast on the popular national channel, AIR FM Rainbow India 102.6 MHz. The programme focuses on sustainable development related themes and usually features interaction with distinguished people. Till date, EDEA has broadcast about 600 radio programmes.

Ek Duniya Ek Awaaz is broadcast every Wednesday from 16:30 Hours - 16:45 Hours.

Ek Duniya Ek Awaaz is a flagship programme of OneWorld Foundation India.

At Ek Duniya Ek Awaaz we receive people's feedback on our programme from more than 20 Indian states. SMS feedbacks received after broadcast of EDEA episode average between 60 to 70.

Ms Kakoli Roy
Ms Sonam Rathore
Mr Ashok Kumar

38A/1, Shahpur Jat, New Delhi-110049
Phone: +91 11 4168900
Email: edaa@oneworld.net

Org. / Institution : OneWorld Foundation
Language : NA